वाणिज्यीकरण के लिए तैयार प्रौद्योगिकियाँ

Director’s Welcome

निदेशक महोदय के स्वागत संदेश

Directorविज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त निकाय, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की एक घटक प्रयोगशाला के रूप में हमारे इस अग्रणी संस्थान के पोर्टल पर आप सभी का हार्दिक स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।आईएसओ 9001:2015 मानक मान्यता प्राप्त यह संस्थान वर्ष 1960 से तेल एवं गैस क्षेत्र तथा उससे संबद्ध उद्योगों के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों, उत्पादों और सेवाओं के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। हम ऑटोमोबाइल क्षेत्र तथा घरेलू एवं औद्योगिक दहन उद्योगों जैसे ईंधन उपयोगकर्ता क्षेत्रों को भी अपनी सेवाएँ प्रदान करते हैं। जैव-विमानन ईंधन (बायो-जेट फ्यूल) तथा अपशिष्ट प्लास्टिक से डीज़ल उत्पादन जैसी वैकल्पिक ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में हमारे योगदान ने इस उभरते एवं भविष्य-उन्मुख क्षेत्र में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

पेट्रोलियम परिशोधन, प्राकृतिक गैस, पेट्रो-रसायन तथा पेट्रोलियम उत्पादों के उपयोग से संबंधित हमारे पचास से अधिक प्रौद्योगिकी समाधानों का सफलतापूर्वक वाणिज्यिक क्रियान्वयन किया जा चुका है। संस्थान की अनुसंधान, विकास एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण संबंधी गतिविधियाँ दस प्रभागों में संरचित एक सशक्त संगठनात्मक व्यवस्था के माध्यम से संचालित की जाती हैं। हमारी अत्याधुनिक बहुविषयी प्रयोगशालाएँ, जिनमें 350 से अधिक स्थायी कर्मचारी तथा 100 से अधिक शोधार्थी, परियोजना कर्मी एवं पोस्ट-डॉक्टोरल अध्येता कार्यरत हैं, हमारे अधिदेश के अनुरूप औद्योगिक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दे रही हैं । हमारे अनुसंधान निष्कर्ष नियमित रूप से उच्च प्रभाव-कारक एवं समीक्षित (Peer Reviewed) शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित होते हैं तथा उन्हें व्यापक स्तर पर उद्धृत किया जाता है।

समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अंतर्गत हम सीएसआईआर के विज्ञान-आधारित जन-जागरूकता कार्यक्रम ‘जिज्ञासा’ में सक्रिय रूप से सहभागी हैं, जिसके अंतर्गत विद्यालयी छात्रों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि जागृत करने तथा भावी राष्ट्रनिर्माताओं और विद्वानों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने हेतु प्रयोगशाला सुविधाएँ एवं विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाती है। हम सीएसआईआर-हरित कार्यक्रम में भी सक्रिय सहभागिता निभाते हैं, जिसके माध्यम से ग्रामीण भारत में जीवन की गुणवत्ता सुधारने हेतु प्रौद्योगिकी आधारित समाधान विकसित किए जाते हैं।विभिन्न अंतर-संस्थागत समझौता ज्ञापनों (एमओयू) तथा उन्नत उपकरणों तक पहुँच प्रदान करने वाले AnalytiCSIR पोर्टल के माध्यम से हमारा ज्ञान-संसाधन, विशेषज्ञता तथा अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाएँ देशभर के शैक्षणिक संस्थानों एवं शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराई जाती हैं।

हमारा अनुसंधान मुख्यतः पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, वैकल्पिक ईंधनों तथा ईंधन उपयोगकर्ता उद्योगों पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य इन क्षेत्रों की अल्पकालिक, मध्यमकालिक एवं दीर्घकालिक चुनौतियों का समग्र समाधान विकसित करना है। इनमें ईंधन उत्पादन, ऊर्जा दक्षता, परिचालन सुरक्षा, उत्सर्जन एवं अपशिष्ट प्रबंधन, तथा अपशिष्ट एवं कम-मूल्य धाराओं का रसायनों एवं अन्य उपयोगी उत्पादों में रूपांतरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र सम्मिलित हैं। हमारा ध्येय इन क्षेत्रों में सतत् एवं किफायती प्रौद्योगिकियों का विकास करना है, जिससे राष्ट्र निरंतर आर्थिक विकास के मार्ग पर अग्रसर रह सके। मैं आपको हमारे संस्थान के बारे में और अधिक जानने, हमारे साथ सहयोग/साझेदारी स्थापित करने तथा हमारे विज़न को साकार करने हेतु आमंत्रित करता हूँ।

डॉ. हरेन्द्र सिंह बिष्ट