सामग्री संसाधन दक्षता प्रभाग
जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की बढ़ती असामान्य घटनाओं ने हमें ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत पर गौर करने के लिए मजबूर किया है। इससे लोगों में सामग्री का कुशलतापूर्वक उपयोग करने के लिए जागरूकता में भी वृद्धि हुई है। इस संदर्भ में प्रक्रियाओं की पहचान करने और विकसित करने के लिए सामग्री संसाधन दक्षता प्रभाग (एमआरईडी) को एक मंच के रूप में बनाया गयाहै, जो अपशिष्ट बहुलक सामग्री जैसे की औद्योगिक और कृषि अवशेष, वन अपशिष्ट, जलीय बायोमास, वसायुक्त अवशेष, चीनी उत्पाद इकाईयों के अपशिष्ट, तथा औद्योगिक लिग्निन इत्यादि) का कुशलतापूर्वक उपयोग करता है। ये प्रभाग जैव प्रौद्योगिकी, और थर्मोकेमिकल क्षेत्रों मे विशेषज्ञता रखने वाले वैज्ञानिकों तथा सभी आधुनिक विश्लेषणात्मक सुविधाएंसे लैसहैं। इस विभाग ने वर्षों से ज्ञानार्जन किया है फलस्वरूप शोध के क्षेत्र मे कई पुरस्कार,पेटेंट,प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में शोधपत्र प्रकाशित किए है।
दृष्टि
संसाधन कुशल, पर्यावरण के अनुकूलउत्पादों, और प्रणालियों को विकसित करना तथा तैनात करने योग्यप्रौद्योगिकिका निर्माण करने के साथ अक्षय कार्बन संसाधनों के सतत उपयोग के लिए प्रमुख वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर की सेवाएं प्रदान करना।
मिशन
- जैव-प्रौद्योगिकी और बायोमास के थर्मोकेमिकल रूपांतरण के क्षेत्र में उपयोगी और टिकाऊ तरीके से ईंधन, रसायन, सामग्री और ऊर्जा वाहकों का उत्पादन करना ।
- संस्थान और राष्ट्र के लाभ के लिए एक पेटेंट एस्टेट स्थापित करना
- उत्पादन के द्वरान प्रक्रिया में उत्पन्न सभी भौतिक संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग करना जिस से लैंडफिलिंग शून्य हो
- प्रक्रियाओं के द्वरान उत्पन सामग्रियों को रीसायकल, पुनर्प्राप्त,पुन:उपयोग तथा उनको राष्ट्रीय प्रासंगिकता के क्षेत्रों में उपयोग करना।
- पहचान की गई प्रक्रियाओं मे निर्दिष्टसामग्री और ऊर्जाका निवेश कर अधिकतम उत्पादन प्राप्त करना
- सामाजिक लाभ के लिए टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल प्रक्रियाओं को तैनात करना।
- एम.आर.ई.डीप्रभाग द्वरा विकसित प्रौद्योगिकियों, उत्पादों औरदिये जाने वाले सेवाओं का जीवन चक्र विश्लेषण (लाइफ साइकल एनालिसिस) तथा उस से उत्पन होने वाले कार्बन, नाइट्रोजन तथा पानी के फुटप्रिंटको समझना और विश्लेषण करना।

| डॉ थलदा भास्कर | tbhaskar@iip.res.in |
| डॉ देबाशीष घोष | dghosh@iip.res.in |
| डॉ भव्या बी कृष्णा | bhavya@iip.res.in |
| डॉ सुनील कुमार सुमन | sunilkr@iip.res.in |
| डॉ दीप्ति अग्रवाल | deepti@iip.res.in |
| डॉ दीपतरका दासगुप्ता | ddgupta@iip.res.in |
| डॉ सुधाकर रेड्डी येनुमाला | ysreddy@iip.res.in |
| डॉ वी चंद्रशेखर पल्ला | vcs.palla@iip.res.in |
- माइक्रोबियल किण्वन द्वारा बायोमास फीडस्टॉक्स से अक्षय ईंधन और विशेष रसायन
- बायोमास/लिग्निन रूपांतरण के लिए नवीन उत्प्रेरक सामग्री का डिजाइन
- ईंधन मे मिश्रण और उच्च मूल्य वाले रसायनों के लिए थर्मल/उत्प्रेरक के माध्यम से बायो ऑल का उन्नयन
- संसाधन दक्षता, अक्षय और गैर-नवीकरणीय सामग्रियों की परिपत्र अर्थव्यवस्था
- माइक्रोबियल सिस्टम का कम्प्यूटेशनल विश्लेषण
- OMICS सूचना विज्ञान और FLUXOMICS
- जीवन चक्र विश्लेषण (एलसीए, ऊर्जा/ऊर्जा विश्लेषण और तकनीकी आर्थिक व्यवहार्यता अध्ययन
- आणविक निदान के माध्यम से वायरस परीक्षण
- अमेरिकन केमिकल सोसायटी (ACS)
- बायोटेक रिसर्च सोसाइटी, भारत (बीआरएसआई)
- इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी (ISEES)
- जापान सोसाइटी ऑफ मैटेरियल साइकिल्स एंड वेस्ट मैनेजमेंट (JSMCWM)
- रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री (आरएससी)
- जैविक इंजीनियरिंग सोसायटी (बीईएसआई)















